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थोड़ा और चाहते हैं

1. थोड़ा और चाहते हैं तुम्हारी आंखों की मस्ती और प्यार भरी बातें मिलने आती हो इतना जल्दी निकल जाती हो जब तक सोचता हूं इजहार करने को वादा करके निकल जाती हो दूसरी मुलाकात करने को 2 .हमारी वफा को इतनी आसानी से भूल जाओगे कभी सोचा ना था तुम्हारे आदेश पर हर मांग पूरी की बेवफा होने का कारण समझ नहीं आता 3 .जिंदगी सुकून में थी जब कुंवारा था कोई किच- किच नहीं थी जबसे शादी हुई आजादी गई तन्हाईयों का दौर शुरू हो चुका है 4. कभी आंखों से कभी होठों से उसके इशारों ने जीना दुश्वार कर दिया है अब दिल का करार खोने लगा है मुझे उससे धीरे धीरे प्यार होने लगा है

हम खो जाएंगे

हम खो जाएंगे जो अकेला छोड़ दोगे तुम्हारे साथ रहकर सीख रहा हूं जमाने में सही ढंग से चलने का तरीका क्या है वह जानती है मैं उससे बेतहाशा प्यार करता हूं मुझे जलाने का कोई ना कोई बहाना ढूंढ लेती है उससे मैं जब उल्टी सीधी बातें शुरू करता हूं वह मुस्कुराती है मैं फसता गया उसकी मीठी मीठी बातों में वह मुझे फंसाने का जाल पहले से बिछाए हुई थी वह मुझको इस तरह लूटकर ले गई हाल जिसको सुनाऊं हर कोई पागल मुझे कहता है

हकीकत की बुनियाद से

हकीकत की बुनियाद से अपने पैर को कभी डगमगाने मत देना बुराइयां ज्यादा दिन छुप नहीं सकती कागज की नाव की तरह होती है जो हल्के से पानी की बूंदों में अस्तित्व खत्म हो जाता है  जो उनकी मीठी बातों का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा हम दीवाने हो जाएंगे मोहब्बत का असर जिस तरह बढ़ रहा है ऐसा लगता है होश रहेगा नहीं हम उनके दीदार में खो जायेंगे

मन ही मन में करते हैं

मन ही मन में करते हैं मोहब्बत इजहार करते नहीं है वह ना जाने क्यों मैंने उनकी आंखों में जो मोहब्बत देखी है उनके होठों से सुनने को बेकरार रहती हूं आज सारे जहां से कह दो कि मैं उनसे प्यार करती हूं

आपका प्यार यूं ही उम्र भर मिलता रहे

आपका प्यार यूं ही उम्र भर मिलता रहे ख्वाहिशों की गलियों में आपका प्यार बहता रहे मैं डूबता रहूं चाहतों की दरिया में सपनों की तरह जिंदगी खिल जाए यह सच है कि तनहाइयों में जीना कौन चाहता है